By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

Sarvam News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: क्या था हिंदू मंदिर का पहला सबूत, पूर्व ASI अधिकारी ने बताई खुदाई की सच्चाई…
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa

Sarvam News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Sarvam News > Blog > देश > क्या था हिंदू मंदिर का पहला सबूत, पूर्व ASI अधिकारी ने बताई खुदाई की सच्चाई…
देश

क्या था हिंदू मंदिर का पहला सबूत, पूर्व ASI अधिकारी ने बताई खुदाई की सच्चाई…

Last updated: 2024/01/23 at 9:23 AM
Share
3 Min Read
क्या था हिंदू मंदिर का पहला सबूत, पूर्व ASI अधिकारी ने बताई खुदाई की सच्चाई…
SHARE

अयोध्या राम मंदिर यानी सदियों की कहानी पर सोमवार को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही विराम लग गया।

हालांकि, मंदिर के सदियों पुराने सफर की चर्चाएं अब भी जारी हैं। कहा जाता है कि 70 के दशक में जब खुदाई चल रही थी, तब मंदिर के सबूत के तौर पर पहली चीज ‘पूर्ण कलश’ मिली थी।

तब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI के दल में रहे केके मोहम्मद इस बात की पुष्टि कर चुके हैं।

मोहम्मद को भी उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आयोजित मंदिर समारोह का न्योता भेजा गया था। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में वह 1976-77 के दौर को याद करते हैं, जब अयोध्या का मुद्दा इतना बड़ा नहीं था।

तब उन्होंने प्रोफेसर बीबी लाल की अगुवाई में ट्रेनी के तौर पर काम करना शुरू ही किया था। वह बताते हैं कि 12 स्तंभ नजर आए थे, जिन्हें देखकर कोई भी बता सकता था कि ये मंदिर से संबंधित हैं।

उन्होंने बताया, ‘स्तंभों के निचले हिस्से में हिंदू धर्म में समृद्धि का प्रतीक माने जाने वाले पूर्ण कलश मिले। ये अष्ट मंगल चिह्नों में से एक थे।

वह पहला सबूत था। इसके बाद प्रोफेसर लाल ने पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों की खुदाई की, जहां हिंदू मंदिरों की विशेषता वाली कुछ मूर्तियां मिलीं। कुछ का रूप बिगाड़ दिया गया था, लेकिन हिंदू प्रतीक साफ नजर आ रहे थे। वे दूसरा सबूत थे।’

उन्होंने बताया, ‘टेराकोटा की मूर्तियां तीसरा सबूत थीं। डॉक्टर लाल ने पाया कि मस्जिद के नीचे मंदिर हो सकता है।’ मोहम्मद ने प्रोफेसर लाल को मिले सबूतों की वकालत भी की थी।

रिपोर्ट के अनुसार, उनका कहना है, ‘प्रोफेसर लाल ने अपने काम को विशेष रूप से यह सोचकर नहीं दिखाया कि इससे लोग भड़क जाएंगे। उन्होंने इसे अकादमिक खोज के तौर पर अलग कर दिया।

एक दशक के बाद मार्क्सवादी इतिहासकारों का एक समूह…एक बयान लेकर आया कि प्रोफेसर लाल को… मंदिर से जुड़ा कुछ नहीं मिला था…। प्रोफेसर लाल को अपना बचाव करना पड़ा। वे प्रेस के पास पहुंचे और अपनी खोज बताई।’

इधर, पूर्व एएसआई अधिकारी को काफी आलोचना का भी सामना करना पड़ा था। हालांकि, तमाम धमकियों को बाद भी वह अपनी बात पर अड़े रहे। उनके खिलाफ आंतरिक जांच भी बैठी और उनका गोवा तबादला कर दिया गया था।

You Might Also Like

फरीदाबाद में ब्रेनवॉश के बावजूद जसीर वानी ने सुसाइड बॉम्बर बनने से किया इनकार

क्या अब गांव का कचरा भी हम देखें? सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार

पद्मिनी को परेशान किया तो धमाका कर दूंगा: मेट्रो स्टेशन को मिला धमकीभरा मेल

बिहार में कांग्रेस की 6 सीटें जीतने पर घमासान, INDIA गठबंधन के नेताओं ने कसा तंज

बेंगलुरु: ₹145 के वेज सैंडविच में मिला झींगा, स्विगी-रेस्टोरेंट पर ₹1 लाख का मुआवजा

January 23, 2024 January 23, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article रायपुर : श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दूधाधारी मठ में किया राम-दरबार का दर्शन… रायपुर : श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दूधाधारी मठ में किया राम-दरबार का दर्शन…
Next Article रायपुर : हमारे लिए यह खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ से भेजे चावल से श्री रामलला को लगाया गया भोग: मुख्यमंत्री साय… रायपुर : हमारे लिए यह खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ से भेजे चावल से श्री रामलला को लगाया गया भोग: मुख्यमंत्री साय…
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

12945/ 26

Image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

प्रदेशवासियों को मिलेगा बेहतर, तेज और सुरक्षित आवागमन, बारिश के बाद 672 करोड़ से अधिक के 24 सड़क-पुल निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
सेवा सेतु शिविर में ग्रामीणों को एक ही मंच पर मिला विभिन्न योजनाओं का लाभ, वन मंत्री केदार कश्यप ने हितग्राहियों को सौंपी आवास की चाबी, वनाधिकार पत्र और योजना सहायता….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
नशामुक्त छत्तीसगढ़ से ही संभव होगा ‘विकसित भारत 2047’ का सपना: मंत्री टंक राम वर्मा….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने श्रमदान कर दिया स्वच्छता और सेवा का संदेश…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

उत्तराखण्ड

संपादक - AJAY SUNEJA
मोबाइल -8958810770
ईमेल - [email protected]
कार्यालय - 53/2, BLOCK-B, RISHI VIHAR, MEHUWALA MAFI, PIN CODE-248001, DISTT.-DEHRADUN, UTTARAKHAND.

Archives

October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Sep    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?