By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

Sarvam News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: किसानों के लिए वरदान है बांस की खेती
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa

Sarvam News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Sarvam News > Blog > राज्य > छत्तीसगढ़ > किसानों के लिए वरदान है बांस की खेती
छत्तीसगढ़राज्य

किसानों के लिए वरदान है बांस की खेती

Last updated: 2024/07/14 at 6:35 PM
Share
3 Min Read
किसानों के लिए वरदान है बांस की खेती
SHARE

बिलासपुर

राज्य भर में चल रही पौधरोपण योजना में बांस की खेती को प्राथमिकता दी जा रही है, जो आश्चर्य का विषय है। दरअसल, इसके पीछे कारण है शोध के द्वारा प्राप्त हुए बांस के अनेक गुण। यह गुण न सिर्फ जलवायु परिवर्तन के दौर में किसानों की आय को बढ़ाने में सहायक हैं, बल्कि लगभग शून्य लागत में अधिक लाभ देने वाली फसल भी है।

पारंपरिक खेती में बढ़ती लागत के कारण किसानों का रुझान अब ऐसी फसलों की ओर बढ़ रहा है, जिनकी लागत कम हो। बांस की खेती ने अपने गुणों और लाभों के कारण किसानों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। रासायनिक और जैविक खाद के बिना तैयार होने वाली यह फसल तेजी से विस्तार पा रही है। बांस एकमात्र ऐसा पौधा है, जिसे सबसे कम पानी की जरूरत होती है और यह जलवायु परिवर्तन के दौर में भी सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है।

बोनी और फसल की प्रक्रिया
बांस की बोनी के लिए मार्च का महीना सबसे उपयुक्त माना जाता है। दोमट मिट्टी, जिसका पीएच मान 6.5 से 7.5 हो, बांस की अच्छी पैदावार देती है। बोनी के पहले सप्ताह में ही पौधे निकलने लगते हैं। एक हेक्टेयर में 625 पौधों के रोपण के बाद, पांचवे वर्ष में 3125 और आठवें वर्ष में 6250 बांस के पौधे तैयार हो जाते हैं। बीच के समय में आवश्यकता अनुसार और भी कटाई की जा सकती है। बांस की बोनी के लिए बीज के अलावा जड़, कलम या शाखाएं भी लगाई जा सकती हैं।

बांस देता है दोहरा लाभ
बांस की सतत लाभ देने वाली फसल के बीच की खाली जगह में अदरक, हल्दी और सफेद मूसली की भी खेती की जा सकती है। यह दोहरा लाभ देता है। सबसे बड़ा फायदा यह है कि बांस की फसल के लिए न रासायनिक खाद की जरूरत होती है, न जैविक खाद की। इसके अलावा, यह फसल न्यूनतम पानी में भी तैयार हो जाती है और कीट प्रकोप जैसी समस्याएं भी नहीं होती हैं।

बांस के पोधे को लेकर एक दिलचस्प तथ्य
दिलचस्प तथ्य भी बांस वन्य जगत का एकमात्र ऐसा पौधा है, जो अपनी पूरी आयु जीने के बाद ही मरता है। इसकी उम्र 32 से 48 वर्ष मानी जाती है। बांस को भूमि संरक्षण और मिट्टी कटाव रोकने में सबसे सक्षम माना जाता है। पर्यावरण की रक्षा में इसका योगदान अमूल्य है क्योंकि यह वायुमंडल से 66 प्रतिशत अधिक कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है और उतनी ही मात्रा में ऑक्सीजन प्रदान करता है।

युवा किसानों का हरा सोना
बांस प्रकृति की अद्भुत देन है। विभिन्नता और संख्या की दृष्टि से किसी अन्य पौधे के इतने उपयोग नहीं होते जितने बांस के होते हैं। मानव जीवन में बांस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।

You Might Also Like

सुशासन की मिसाल बना नारायणपुर का ‘सेवा सेतु’, अब चक्कर काटने से मिली मुक्ति, 24 घंटे में मिला आय प्रमाण पत्र….

सी.एम. हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधानः सौर सुजला योजना का सोलर पंप चालू होने से लौटी किसान के खेतों की रौनक….

‘एक पेड़ माँ के नाम 3.0’ से हरित भविष्य का संकल्प होगा और मजबूत : वनमंत्री केदार कश्यप…..

ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कोरबा, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अपनाकर मंत्री लखनलाल देवांगन बने सौर ऊर्जा के प्रेरक….

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सत्य साई ग्राम के सेवा मॉडल को बताया जनकल्याण का प्रेरक उदाहरण….

July 14, 2024 July 14, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article किसानों के लिए वरदान है बांस की खेती किसानों के लिए वरदान है बांस की खेती
Next Article दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

12945/ 26

Image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

सुशासन की मिसाल बना नारायणपुर का ‘सेवा सेतु’,  अब चक्कर काटने से मिली मुक्ति, 24 घंटे में मिला आय प्रमाण पत्र….
सुशासन की मिसाल बना नारायणपुर का ‘सेवा सेतु’, अब चक्कर काटने से मिली मुक्ति, 24 घंटे में मिला आय प्रमाण पत्र….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
सी.एम. हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधानः सौर सुजला योजना का सोलर पंप चालू होने से लौटी किसान के खेतों की रौनक….
सी.एम. हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधानः सौर सुजला योजना का सोलर पंप चालू होने से लौटी किसान के खेतों की रौनक….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
‘एक पेड़ माँ के नाम 3.0’ से हरित भविष्य का संकल्प होगा और मजबूत : वनमंत्री केदार कश्यप…..
‘एक पेड़ माँ के नाम 3.0’ से हरित भविष्य का संकल्प होगा और मजबूत : वनमंत्री केदार कश्यप…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कोरबा, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अपनाकर मंत्री लखनलाल देवांगन बने सौर ऊर्जा के प्रेरक….
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कोरबा, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अपनाकर मंत्री लखनलाल देवांगन बने सौर ऊर्जा के प्रेरक….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

उत्तराखण्ड

संपादक - AJAY SUNEJA
मोबाइल -8958810770
ईमेल - [email protected]
कार्यालय - 53/2, BLOCK-B, RISHI VIHAR, MEHUWALA MAFI, PIN CODE-248001, DISTT.-DEHRADUN, UTTARAKHAND.

Archives

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
« Jun    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?