By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

Sarvam News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: ओलंपिक खेलों के इतिहास का सबसे मनहूस दिन, खिलाड़ियों पर हमले का बदला लेने के लिए दिखा ईश्वर का गुस्सा…
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa

Sarvam News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Sarvam News > Blog > विदेश > ओलंपिक खेलों के इतिहास का सबसे मनहूस दिन, खिलाड़ियों पर हमले का बदला लेने के लिए दिखा ईश्वर का गुस्सा…
विदेश

ओलंपिक खेलों के इतिहास का सबसे मनहूस दिन, खिलाड़ियों पर हमले का बदला लेने के लिए दिखा ईश्वर का गुस्सा…

Last updated: 2024/07/27 at 11:30 AM
Share
7 Min Read
ओलंपिक खेलों के इतिहास का सबसे मनहूस दिन, खिलाड़ियों पर हमले का बदला लेने के लिए दिखा ईश्वर का गुस्सा…
SHARE

पेरिस ओलंपिक खेलों की शुरूआत हो चुकी है।

भारत समेत दुनिया के कई देशों के खिलाड़ी इन खेलों में हिस्सा लेने के लिए पहुंच चुके हैं।

ऐसे ही साल 1972 में ओलंपिक खेलों के आयोजन जर्मनी के म्यूनिख शहर में हुआ था, जिसमें हुई एक घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। 

म्युनिख में चल रहे खेलों के इस महाकुंभ में दुनिया भर के खिलाड़ियों के साथ-साथ इजरायल के खिलाड़ी भी आए हुए थे। इजरायल को आजाद हुए इस समय तक लगभग 2 दशक ही हुए थे।

वैश्विक स्तर पर अपने लिए जगह तलाशता इजरायल लगातार अपने पड़ोसी देशों से लड़ रहा था। अमेरिका से मिले मजबूत हथियारों की दम पर कोई भी देश इजरायल को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा पा रहा था।

ऐसे में फिलिस्तीनी आतंकवादियों के समूह ब्लैक सेप्टेम्बर ने जर्मनी पहुंचे इजरायली खिलाड़ियों पर खिलाड़ियों के कैंप में घुस कर हमला बोल दिया और उन्हें बंधक बना लिया।

उस समय कुल 11 खिलाड़ियों में से 2 को हमला करते समय ही मार दिया गया, जबकि बाकी 9 खिलाड़ियों को बंधक बना लिया गया।

234 आतंकवादियों को छोड़ने की रखी मांग, इजरायल ने किया मना

आतंकियों ने 9 इजरायली खिलाड़ियों को बंधक बनाने के बाद इजरायल की नई नवेली पहली महिला प्रधानमंत्री गोल्डामेयर के पास संदेशा भिजवाया कि इजरायल अगर इन खिलाड़ियों की सलामती चाहता है तो जेलों में बंद 234 फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ दे।

अपनी आतंकविरोधी नीति के चलते इजरायल ने आतंकियों को छोड़ने से मना कर देता है। इजरायल ने कहा कि हम आतंकवादियों से बात नहीं करते।

पीएम गोल्डा मेयर ने अपने खिलाड़ियों को बचाने के लिए  जर्मनी से एक स्पेशल ऑपरेशन चलाने की अनुमति मांगी लेकिन जर्मनी की सरकार ने अपनी जमीन पर इजरायल के कमांडो्स को नहीं उतरने दिया।

जर्मनी की तरफ से खिलाड़ियों को छुड़ाने के लिए किया गया सैन्य प्रयास विफल रहता है, जिससे आतंकियों को लग जाता है कि वह जर्मनी में सुरक्षित नहीं है।

वह जर्मन सरकार से मांग करते हैं कि उन्हें खिलाड़ियों के साथ इजिप्ट जाने के लिए हेलिकॉप्टर दिया जाए। जर्मन सरकार मान जाती है।

जर्मनी ने बनाया नाकाम प्लान और..

जर्मनी की सरकार ने प्लान बनाया कि सभी आतंकवादियों को एयरपोर्ट पर ही स्नाइपर के जरिए खत्म कर देंगे। आतंकियों के एयरपोर्ट पर पहुंचते ही गोलीबारी शरू हो जाती है।

जर्मन पुलिस कुछ हद तक सफल भी हो जाती है । कुल आठ आतंकवादियों में से 5 मारे जाते हैं और 3 आतंकवादी पकड़े जाते हैं।

लेकिन इस गोलीबारी में सभी खिलाड़ी भी मारे जाते हैं। इजरायल लगातार इन आतंकवादियों को उन्हें सौंपने को कहता है लेकिन जर्मनी ऐसा नहीं करता।

एक महीने बाद ही एक विमान हाइजैक करके आतंकवादियों द्वारा अपने साथियों को छुड़ा भी लिया जाता है। पहले से ही गुस्से में बैठे इजरायल में इससे और ज्यादा गुस्सा भड़क जाता है। 

पीएम गोल्डामेयर ने बनाई कमेटी एक्स
अपने खिलाड़ियों की मौत का बदला लेने के लिए इजरायल की पीएम ने एक कमेटी का गठन किया जिसका नाम एक्स रखा इसको मोसाद के एक बहुत ही चतुर अफसर माइकल हरारे लीड कर रहे थे। इजरायल की तरफ से इस कमेटी को फ्री हैंड़ दे दिया गया। 

फिर शुरू हुआ  “WARTH OF GOD”
 माइकल हरारे ने एक-एक करके सभी को ढूंढना शुरू किया। हर छोटे से छोटे लिंक को जोड़ा और कुल मिलाकर 35 लोगों को टारगेट बनाया। मोसाद के एजेंट लगातार इस हमले में शामिल लोगों को टारगेट करते रहे।

इसके लिए मोसाद ने हर तरीक को आजमाया वह मारने के पहले मरने वाले के परिवार के पास गुलदस्ता भेजते और उसके साथ एक कार्ड भी जिस पर लिखा होता कि ‘हम न भूलते हैं न माफ करते हैं’ मोसाद ने इस हमलें में शामिल सारे आतंकियों और छोटी से छोटी मदद करने वाले को भी मौत के घाट उतार दिया।

इस ऑपरेशन के दौरान इनसे गलती भी हुई, 1973 में इन्होंने ब्लैक सेप्टेमबर का चीफ समझ कर एक वेटर की हत्या कर दी, जिससे पश्चिमी देशों में इजरायल को जमकर कोसा गया।

लेकिन इजरायल ने अपना ऑपरेशन नहीं रोका और 1979 में म्यूनिख हमले के मास्टर माइंड रेड प्रिंस यानी की सलामे को भी बॉम्ब से उड़ा दिया।

पश्चिमी देशों ने इजारयल पर इस ऑपरेशन को रोकने का बहुत दबाव डाला लेकिन इजरायल नहीं रुका। साल 1992 में इस ऑपरेशन के तहत इजरायल ने हत्या की जब मोसाद ने पेरिस में फिलिस्तीन लिबरेशन फ्रंट के इंटेलिजेंस चीफ एटिफ बेसिसो को मार गिराया। 

इजरायल ने इस ऑपरेशन में अपने 35 टारगेट में से 33 को मार डाला लेकिन दो बचे रहे पहला अबु दाउद और दूसरा पीएलओ चीफ यासिर अराफात।

दाउद के ऊपर भी इजरायल ने काफी हमले किए लेकिन वह लगातार बचता रहा। बाद में एक डाक्यूमेंट्री में उसने कहा कि उसे म्यूनिख में खिलाड़ियों को मारने का कोई गम नहीं है अगर उसे ऐसा करने का फिर से मौका मिले तो वह फिर से ऐसा करेगा। बाद में दाउद और यासिर अराफात दोनों की नेचुरल कारणों से मौत हो गई।

इजरायल का यह ऑपरेशन करीब 20 साल तक चला, इस   ऑपरेशन के जरिए इजराल ने आतंकवादियों के मन में एक डर बैठा दिया कि यदि आप इजरायल के नागरिकों पर हमला करते हैं तो आप कहीं भी हो मोसाद आपको ढूंढ कर मार ही देगी। 

अपने खिलाड़ियों पर  हुए इस हमले का बदला इजरायल ने ले लिया लेकिन ओलंपिक खेलों में हुए इस हमले ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया था।

The post ओलंपिक खेलों के इतिहास का सबसे मनहूस दिन, खिलाड़ियों पर हमले का बदला लेने के लिए दिखा ईश्वर का गुस्सा… appeared first on .

You Might Also Like

पाकिस्तान के खैबर प्रांत में सैन्य काफिले पर आत्मघाती हमला, 13 सैनिकों की मौत, 29 घायल

टैरिफ पर ट्रंप ने लिया यू-टर्न, स्मार्टफोन और लैपटॉप को टैरिफ से दी छूट

पूर्व पीएम किशिदा पर हमला करने वाले आरोपी ने हत्या के आरोप से किया इनकार

अमेरिका से 205 भारतीयों को मिलिट्री विमान से वापस भेजा गया, ट्रंप सरकार ने की सख्त कार्रवाई

ब्रिबी द्वीप में शार्क के हमले से महिला की मौत, तैरते समय आई गंभीर चोटें

July 27, 2024 July 27, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article पीएम नेतन्याहू पर क्यों भड़कीं प्रियंका गांधी वाड्रा….खुला समर्थन शर्म की बात   पीएम नेतन्याहू पर क्यों भड़कीं प्रियंका गांधी वाड्रा….खुला समर्थन शर्म की बात  
Next Article जल्द ही स्पेस स्टेशन में चहलकदमी करने वाला है भारत का गगनयात्री, सरकार ने बता दी तारीख… जल्द ही स्पेस स्टेशन में चहलकदमी करने वाला है भारत का गगनयात्री, सरकार ने बता दी तारीख…
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

12945/ 26

Image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पर्वतारोही अमिता श्रीवास को दी बधाई….
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पर्वतारोही अमिता श्रीवास को दी बधाई….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
सुरक्षित बचपन, सशक्त भविष्य के लिए छत्तीसगढ़ में जागरूकता अभियान तेज, स्कूलों में बच्चों को बाल अधिकार, पॉक्सो कानून, साइबर सुरक्षा और गुड टच-बैड टच की दी जा रही जानकारी…..
सुरक्षित बचपन, सशक्त भविष्य के लिए छत्तीसगढ़ में जागरूकता अभियान तेज, स्कूलों में बच्चों को बाल अधिकार, पॉक्सो कानून, साइबर सुरक्षा और गुड टच-बैड टच की दी जा रही जानकारी…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
सीएम हेल्पलाइन 1076 बनी आमजन की भरोसेमंद साथी, चार महीने से लंबित मजदूरी का भुगतान शिकायत के 24 घंटे के भीतर हुआ जारी….
सीएम हेल्पलाइन 1076 बनी आमजन की भरोसेमंद साथी, चार महीने से लंबित मजदूरी का भुगतान शिकायत के 24 घंटे के भीतर हुआ जारी….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
मंत्री गजेंद्र यादव की पहल से दुर्ग में वाणिज्यिक विवादों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष न्यायालय की होगी स्थापना…..
मंत्री गजेंद्र यादव की पहल से दुर्ग में वाणिज्यिक विवादों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष न्यायालय की होगी स्थापना…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

उत्तराखण्ड

संपादक - AJAY SUNEJA
मोबाइल -8958810770
ईमेल - [email protected]
कार्यालय - 53/2, BLOCK-B, RISHI VIHAR, MEHUWALA MAFI, PIN CODE-248001, DISTT.-DEHRADUN, UTTARAKHAND.

Archives

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
« Jun    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?