By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

Sarvam News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: 265 साल पुराना मंदिर, जहां भगवान हनुमान ने भक्त के लिए लिया था अनदेखा रूप, हर मन्नत होती है पूरी!
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa

Sarvam News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Advertisement
Sarvam News > Blog > धर्म > 265 साल पुराना मंदिर, जहां भगवान हनुमान ने भक्त के लिए लिया था अनदेखा रूप, हर मन्नत होती है पूरी!
धर्म

265 साल पुराना मंदिर, जहां भगवान हनुमान ने भक्त के लिए लिया था अनदेखा रूप, हर मन्नत होती है पूरी!

Last updated: 2024/08/13 at 6:30 AM
Share
3 Min Read
265 साल पुराना मंदिर, जहां भगवान हनुमान ने भक्त के लिए लिया था अनदेखा रूप, हर मन्नत होती है पूरी!
SHARE

भारत में अनोखी जगहों की कोई कमी नहीं है. हर राज्य, शहर और गांव में एक अनोखा मंदिर बना है. राजस्थान के चुरू जिले में तो ऐसा मंदिर है, जो पूरी दुनिया में कहीं और नहीं है. इस मंदिर का नाम है सालासर धाम. यहां हनुमान जी का दाढ़ी और मूंछ वाला अवतार देखने के लिए मिलता है. हनुमान जी ने भक्त का वचन पूरा करने के लिए ऐसा अवतार लिया था.

सालासर धाम की कहानी
सिद्ध पुरुष श्री मोहनदास जी महाराज भगवान हनुमान की खूब भक्ति करते थे. हनुमान जी उनसे बहुत प्रसन्न हुए. उन्होंने ढूंढी-मंछ वाले अवतार में दर्शन दिए. मोहनदास ने वचन लिया कि आगे भी वो इसी रूप में दर्शन दें.  वचन पूरा करने के लिए 1755 में भगवान शनिवार के दिन असोटा गांव में मूर्ति बनकर प्रकट हुए. उनके भक्त ने 1759 में सालासर में मंदिर बनवाया. मंदिर की देखभाल का जिम्मा उदयराम जी और उनके वंशजों को सौंपा गया. हनुमान जी के बाल स्वरूप को बालाजी के रूप में पूजा जाता है. इसी वजह से इस मंदिर को सालासर बालाजी मंदिर कहते हैं.

हर साल चढ़ते लाखों नारियल
सालासर धाम में नारियल चढ़ाकर पूजा की जाती है. हर साले लाखों नारियर यहां लोग भेंट करते हैं, जिन्हें दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जाता. मंदिर के बाहर और आसपास पूरा बाजार लगता है, जहां नारियल के ढेर दिखाई देते हैं.

सालासर धाम में हर मन्नत होती है पूरी
सालासर धाम में दर्शन करने से भक्तों की हर मुसीबत खत्म हो जाती है. बीमारीयां दूर हो जाती हैं. सेहत बेहतर होती है. अपना घर लेने के लिए लोग इस मंदिर में पूजा करते हैं. जिन लोगों का बच्चा न हो वो भी इस मंदिर में पूजा करने पहुंचते हैं.

हर साल लगते हैं 2 मेले
सालासर धाम में हर दिन हजारों लोग पहुंचते हैं. लेकिन यह लगने वाला मेला और भी खास है. शरद पूर्णिमा और चैत्र पूर्णिमा पर यहां खास मेला लगता है. इन मेलों में लाखों लोग पहुंचते हैं, जिस वजह से राज के 1.5 बजे ही मंदिर के पट खुल जाते हैं.

सालासर बालाजी कैसे जाएं?
सुजानगढ़, रतनगढ़, लक्ष्मणगढ़, सीकर और जयपुर का रेलवे स्टेशन सालासर धाम से पास है. सुजानगढ़ और सीकर का स्टेशन सबसे पास है. खाटू श्याम मंदिर से यह धाम लगभग 2 घंटे दूर है. रिंगस से सालासर बालाजी की बस और गाड़ी मिल जाएगी. यहां आसपास बहुत सारे होटल और धर्मशाला भी बनी हैं, जहां आप ठहर सकते हैं. किराया भी ज्यादा नहीं होगा.

You Might Also Like

आज का राशिफल 2 जुलाई 2025

आज का राशिफल 1 जुलाई 2025

आज का राशिफल 28 जून 2025

आज का राशिफल 25 जून 2025

आज का राशिफल 24 जून 2025

August 13, 2024 August 13, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article भारत संग कैसे रिश्ते चाहती है बांग्लादेश सरकार, शेख हसीना के रहने से क्या होगा असर… भारत संग कैसे रिश्ते चाहती है बांग्लादेश सरकार, शेख हसीना के रहने से क्या होगा असर…
Next Article भद्रा काल में बहनों को क्‍यों नहीं बांधनी चाहिए राखी? ‘पाप के देवता’ से है इसका संबंध भद्रा काल में बहनों को क्‍यों नहीं बांधनी चाहिए राखी? ‘पाप के देवता’ से है इसका संबंध
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

12945/ 26

Image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

छत्तीसगढ़ में जैव-सुरक्षा अनुसंधान को मिलेगी नई ऊंचाई, बीएसएल-3 प्रयोगशाला से खुलेंगे वैज्ञानिक नवाचार के नए द्वार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
कोरबा में वायशेप अंडरब्रिज निर्माण कार्य का उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने किया शुभारंभ, डीएमएफ मद से 30.96 करोड़ रूपए की लागत से तैयार होगा अंडरब्रिज…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
छत्तीसगढ़ में जैव-सुरक्षा अनुसंधान को मिलेगी नई ऊंचाई, बीएसएल-3 प्रयोगशाला से खुलेंगे वैज्ञानिक नवाचार के नए द्वार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के फ्रेंचाइजीस और टीमों का ऐलान, सभी टीमों की जर्सी लॉन्च, भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी सरदार सिंह होंगे लीग के एंबेसडर, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की घोषणा….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

उत्तराखण्ड

संपादक - AJAY SUNEJA
मोबाइल -8958810770
ईमेल - [email protected]
कार्यालय - 53/2, BLOCK-B, RISHI VIHAR, MEHUWALA MAFI, PIN CODE-248001, DISTT.-DEHRADUN, UTTARAKHAND.

Archives

October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Sep    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?