By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

Sarvam News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: विशेष लेख : मिलाराबाद के किसान अंतर्यामी ऑर्गेनिक खेती अपनाकर समाज में मिसाल पेश की….
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa

Sarvam News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Sarvam News > Blog > राज्य > छत्तीसगढ़ > छत्तीसगढ़ जनसंपर्क > विशेष लेख : मिलाराबाद के किसान अंतर्यामी ऑर्गेनिक खेती अपनाकर समाज में मिसाल पेश की….
छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

विशेष लेख : मिलाराबाद के किसान अंतर्यामी ऑर्गेनिक खेती अपनाकर समाज में मिसाल पेश की….

Last updated: 2025/09/28 at 4:57 PM
Share
4 Min Read
विशेष लेख : मिलाराबाद के किसान अंतर्यामी ऑर्गेनिक खेती अपनाकर समाज में मिसाल पेश की….
SHARE

रायपुर: महासमुंद जिले के विकासखंड बसना के ग्राम मिलाराबाद के किसान शिक्षित किसान अंतर्यामी प्रधान और उनके पुत्र लक्ष्मी नारायण प्रधान ने पूरी तरह ऑर्गेनिक खेती अपनाकर समाज के लिए मिसाल पेश की है। अंतर्यामी प्रधान बी.एससी. तक और लक्ष्मी नारायण प्रधान बैचलर इन फिजियोथेरेपी तथा बीजेएमसी की पढ़ाई की है। वे लगभग 29 एकड़ भूमि में ऑर्गेनिक खेती करते हुए इन्होंने यह साबित किया है कि कम लागत और स्वस्थ तरीके से भी किसान अच्छी आमदनी कमा सकते हैं।

गौरतलब है कि रासायनिक खेती के इस दौर में जहां किसान अधिक उपज की लालच में भूमि की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव डाल रहे हैं। वहीं प्रधान परिवार ने तकरीबन सत्तर के दशक से रासायनिक खाद और जहरीली दवाइयों का उपयोग बंद कर ऑर्गेनिक खेती का आदर्श प्रस्तुत कर रहा है। कम लागत, स्वस्थ उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त धान की किस्में उगाकर इन्होंने यह साबित किया है कि ऑर्गेनिक खेती ही भविष्य की सच्ची जरूरत है। आज इनके पास 29 एकड़ जमीन पर ऑर्गेनिक खेती चल रही है, जिनमें से 15 एकड़ का एपीईडीए (APEDA) से रजिस्ट्रेशन भी हो चुका है।

विविध फसलें और खास किस्म का धान
किसान अंतर्यामी प्रधान ने बताया कि उनके खेती में कई उन्नत किस्म की फसलें लगाई गई हैं जिनमें धान में जवाफुल, कलानमक नरेंद्र 01, शाही नमक, कालीमुच, चिनौर कालाजीरा, गंगा बालू, दुबराज और सुपर फाइन जैसे उन्नत किस्म के धान का उत्पादन कर रहें है। इससे अच्छी आमदनी मिल रही है। वहीं यह उत्पाद स्वास्थ्य वर्धक भी है। सुपरफाइन किस्म की धान का कीमत लगभग 75 रूपए से शुरू है। काला नमक नरेंद्र कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला चावल होने के कारण इसका कीमत 250 रूपए किलो के लगभग है।

अवाम धान बीज 350 रूपए किलो तक बिकता है। उन्होंने बताया कि वे धान फसलों के साथ-साथ अपने खेतों में शरबती गेहूं C-306 किस्म के और अरहर का भी फसल लेते हैै।इसके साथ ही कोयंबतूर 86032 किस्म के गन्ना का फसल लेते है जो गुड़ बनाने में काफी अच्छा है। इसकी कीमत 120 रूपए किलो तक है। वे अपने खेतों में ग्रीष्मकालीन मौसम में मूंगफली का फसल लेते है। चार एकड़ में टॉप-10 वैरायटी के आम का पेड़ लगाया हुआ है। जिससे प्रतिवर्ष  25-30 क्विंटल आम का उत्पादन होता है। नारियल  के 160 पौधे लगाए है,  जिनमें फल आना शुरू हो रहा है।

 विशेष लेख :मिलाराबाद के किसान अंतर्यामी ऑर्गेनिक खेती अपनाकर समाज में मिसाल पेश की

जैविक खेती का आधार – गाय
जैविक खेती कर रहे किसान प्रधान परिवार ने बताया कि उनके पास 60 देसी नस्ल की गायें हैं, जिनमें गिर नस्ल प्रमुख है। इनके गोबर और गोमूत्र से ही खाद, बीजामृत, जीवामृत और ‘ब्रह्मास्त्र’ जैविक दवा बनाई जाती है। किसान अंतर्यामी प्रधान का कहना है – “हम गाय को नहीं पालते, बल्कि गाय हमें और हमारे पूरे परिवार को पालती है।”

प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में नीम, सीताफल, करंज, भेरू, बेल और (अरंडी) के पत्ते है ब्रह्मास्त्र
अंतर्यामी प्रधान ने बताया कि प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में नीम, सीताफल, करंज, भेरू, बेल और आक (अरंडी) के पत्ते ब्रम्हास्त्र के रूप में काम करते है। इन पेड़ों के पत्तों की पेस्ट बनाकर गोमूत्र के साथ मिट्टी के बर्तन में पकाया जाता है। इसे फसलों पर छिड़कने से कीट और रोगों से बचाव होता है। किसान अंतर्यामी ने बताया कि इसके अलावा गाय के गोबर से गैस संयंत्र से रसोई की जरूरत पूरी होती है। उन्हें राज्य शासन सहित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन और नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल के अंतर्गत बीज और तकनीकी मदद मिलती है।

You Might Also Like

सुपोषण और आत्मीयता से महका सारंगढ़, ‘आंगन मिलन‘ समारोह में पहुंचे मंत्री टंक राम वर्मा और गजेंद्र यादव गर्भवती माताओं की गोदभराई कर बांटे पोषण किट….

’शिक्षा मंत्री की पहल पर विद्यार्थियों को बड़ी राहत, अब शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर’….

जहां 15 वर्षों तक था सुरक्षा बलों का ठिकाना, वहां अब बच्चे संवार रहे भविष्य, अबूझमाड़ में बदलाव की तस्वीर, बस्तर संभाग में पहली बार पूर्व सुरक्षा कैंप बना विद्यार्थियों का छात्रावास…..

’हार से सीखें और जीत का अहंकार न करें, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती – मंत्री टंक राम वर्मा’…..

’अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव’…..

September 28, 2025 September 28, 2025
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केट प्लेस’ का शुभारंभ…. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केट प्लेस’ का शुभारंभ….
Next Article ‘उत्तम क्षमा, सबसे क्षमा और सबको क्षमा’ में बड़प्पन और वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…. ‘उत्तम क्षमा, सबसे क्षमा और सबको क्षमा’ में बड़प्पन और वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

12945/ 26

Image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

सुपोषण और आत्मीयता से महका सारंगढ़, ‘आंगन मिलन‘ समारोह में पहुंचे मंत्री टंक राम वर्मा और गजेंद्र यादव गर्भवती माताओं की गोदभराई कर बांटे पोषण किट….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
’शिक्षा मंत्री की पहल पर विद्यार्थियों को बड़ी राहत, अब शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर’….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
जहां 15 वर्षों तक था सुरक्षा बलों का ठिकाना, वहां अब बच्चे संवार रहे भविष्य, अबूझमाड़ में बदलाव की तस्वीर, बस्तर संभाग में पहली बार पूर्व सुरक्षा कैंप बना विद्यार्थियों का छात्रावास…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
’हार से सीखें और जीत का अहंकार न करें, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती – मंत्री टंक राम वर्मा’…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

उत्तराखण्ड

संपादक - AJAY SUNEJA
मोबाइल -8958810770
ईमेल - [email protected]
कार्यालय - 53/2, BLOCK-B, RISHI VIHAR, MEHUWALA MAFI, PIN CODE-248001, DISTT.-DEHRADUN, UTTARAKHAND.

Archives

October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Sep    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?