By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

Sarvam News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: सरगुजा की जीवनदायिनी श्याम घुनघुट्टा परियोजना बनी अन्नदाताओं का सहारा, 63 गांवों के खेतों तक पहुंच रहा सिंचाई का पानी’…..
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa

Sarvam News

Latest & Breaking News Updates In Hindi

Font ResizerAa
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
Search
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • मध्यप्रदेश
    • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
  • छत्तीसगढ़
    • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • धर्म
  • अन्य खबरें
    • मनोरंजन
    • खेल
    • तकनीकी
    • व्यापार
    • करियर
    • लाइफ स्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Advertisement
Sarvam News > Blog > राज्य > छत्तीसगढ़ > छत्तीसगढ़ जनसंपर्क > सरगुजा की जीवनदायिनी श्याम घुनघुट्टा परियोजना बनी अन्नदाताओं का सहारा, 63 गांवों के खेतों तक पहुंच रहा सिंचाई का पानी’…..
छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

सरगुजा की जीवनदायिनी श्याम घुनघुट्टा परियोजना बनी अन्नदाताओं का सहारा, 63 गांवों के खेतों तक पहुंच रहा सिंचाई का पानी’…..

admin
Last updated: 2026/10/08 at 8:15 PM
admin
Share
8 Min Read
SHARE

रायपुर: खेतों में लहलहाती फसलों के लिए पानी सबसे बड़ी जरूरत है। जब बारिश कम होती है और खेतों में नमी घटने लगती है, तब सिंचाई के भरोसेमंद साधन किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होते। सरगुजा जिले की श्याम घुनघुट्टा परियोजना वर्षों से किसानों की इसी जरूरत को पूरा कर रही है। जिले की जीवनदायिनी कही जाने वाली इस परियोजना की 236 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली के माध्यम से 63 गांवों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंच रहा है। लगभग 35 वर्ष पुरानी नहरों के जीर्णाेद्धार और लाइनिंग कार्य से जल वितरण व्यवस्था को मजबूती मिली है। विशेष रूप से अल्प वर्षा के दौरान परियोजना किसानों के लिए महत्वपूर्ण सहारा साबित हुई है।

श्याम घुनघुट्टा परियोजना की उपयोगिता केवल खेतों की सिंचाई तक सीमित नहीं है। यह अम्बिकापुर शहर की पेयजल आपूर्ति का भी प्रमुख आधार है। एक ओर परियोजना की नहरें ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी को सहारा दे रही हैं, वहीं दूसरी ओर इससे नगर निगम अम्बिकापुर को अमृत योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष 8.93 मिलियन घनमीटर जल उपलब्ध कराया जा रहा है।

’35 वर्ष पुरानी नहरों को मिला नया जीवन, 23.81 करोड़ रुपये से हुआ जीर्णाेद्धार’

जल संसाधन संभाग क्रमांक-01, अम्बिकापुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार श्याम घुनघुट्टा परियोजना लगभग 35 वर्ष पुरानी है। लंबे समय से संचालित इस परियोजना की नहरों में समय के साथ कई स्थानों पर दरारें पड़ गई थीं। इसके अलावा जलीय जीव-जंतुओं द्वारा बिल बनाए जाने से भी नहरों के क्षतिग्रस्त होने की समस्या सामने आती थी।

नहरों के क्षतिग्रस्त होने से जल प्रवाह प्रभावित होता था। कई स्थानों पर पानी के रिसाव और नहरों की खराब स्थिति के कारण सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने में कठिनाइयां होती थीं। इससे किसानों को आवश्यकतानुसार सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी प्रभावित होती थी।
इन समस्याओं के समाधान के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा नहरों के जीर्णाेद्धार एवं लाइनिंग कार्य की योजना तैयार की गई। इसके अंतर्गत 08 मार्च 2019 को 2381.84 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृत राशि से नहरों का जीर्णाेद्धार एवं लाइनिंग कार्य पूर्ण कराया गया है। इससे पुरानी नहरों की स्थिति में सुधार हुआ है और सिंचाई के लिए जल प्रवाह एवं वितरण व्यवस्था पहले की तुलना में बेहतर हुई है।

’जब बारिश ने छोड़ा साथ, तब नहरों के पानी ने किसानों को दी राहत’

सरगुजा जिले में वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 के दौरान अल्प वर्षा की स्थिति बनी थी। पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण किसानों के सामने फसलों की सिंचाई की समस्या उत्पन्न हो गई थी। खेतों में पानी की कमी से कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी। ऐसे समय में श्याम घुनघुट्टा परियोजना किसानों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनी।

परियोजना की नहर प्रणाली के माध्यम से जिले के 63 गांवों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया गया। इससे किसानों को वर्षा की कमी के बावजूद कृषि कार्य जारी रखने में सहायता मिली। जिन किसानों की खेती वर्षा पर निर्भर रहती है, उनके लिए जरूरत के समय सिंचाई का पानी उपलब्ध होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्याम घुनघुट्टा परियोजना ने अल्प वर्षा की स्थिति में भी खेतों तक पानी पहुंचाकर कृषि गतिविधियों को सहारा देने में अपनी उपयोगिता साबित की है।

’236 किलोमीटर की नहर प्रणाली, 63 गांवों की खेती को मिल रहा संबल’

श्याम घुनघुट्टा परियोजना के अंतर्गत लगभग 236 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली विकसित है। इस विस्तृत नेटवर्क के माध्यम से जिले के 63 गांवों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाया जा रहा है।

नहरों के जीर्णाेद्धार और लाइनिंग कार्य से जल प्रवाह की व्यवस्था में सुधार हुआ है। क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत होने से पानी के वितरण को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायता मिली है। परियोजना से उपलब्ध सिंचाई सुविधा किसानों को कृषि कार्यों के लिए पानी का महत्वपूर्ण स्रोत प्रदान कर रही है। विशेष रूप से वर्षा की अनिश्चितता के बीच नहरों से पानी मिलने से खेती के लिए अतिरिक्त सहारा उपलब्ध होता है।

’खेतों को पानी देने के साथ अम्बिकापुर शहर की भी बुझा रही प्यास’

श्याम घुनघुट्टा परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों की सिंचाई व्यवस्था के साथ अम्बिकापुर शहर की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

परियोजना से नगर निगम अम्बिकापुर को अमृत योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष 8.93 मिलियन घनमीटर जल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस जल का उपयोग शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए किया जाता है। इस प्रकार एक ही जल परियोजना ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों की महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को पूरा कर रही है। गांवों में किसानों को खेती के लिए पानी मिल रहा है, वहीं शहर में नागरिकों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए भी जल उपलब्ध कराया जा रहा है।

’जल संरक्षण और बेहतर प्रबंधन से मजबूत हुई सिंचाई व्यवस्था’

जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कृषि विकास और नागरिक सुविधाओं के लिए आवश्यक है। पुरानी नहरों की मरम्मत और लाइनिंग कार्य से उपलब्ध जल के अधिक व्यवस्थित उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।

श्याम घुनघुट्टा परियोजना के अंतर्गत किए गए जीर्णाेद्धार कार्यों से नहरों की संरचनात्मक स्थिति बेहतर हुई है। इससे जल प्रवाह और वितरण में आने वाली बाधाओं को कम करने में सहायता मिली है। परियोजना का अनुभव यह भी दर्शाता है कि पहले से उपलब्ध जल संसाधन संरचनाओं का संरक्षण और समय पर रखरखाव ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

’सरगुजा के किसानों और शहरवासियों के लिए जीवनदायिनी बनी परियोजना’

श्याम घुनघुट्टा परियोजना आज सरगुजा जिले की कृषि और पेयजल व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनी हुई है। लगभग 35 वर्ष पुरानी इस परियोजना ने समय के साथ किसानों और नागरिकों की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 23.81 करोड़ रुपये की लागत से नहरों के जीर्णाेद्धार एवं लाइनिंग कार्य पूर्ण होने से सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिली है। 236 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली के माध्यम से 63 गांवों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो रही है, जबकि अम्बिकापुर शहर को भी पेयजल आपूर्ति के लिए जल प्राप्त हो रहा है।

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत श्याम घुनघुट्टा परियोजना की यह उपलब्धि जल संसाधनों के संरक्षण, बेहतर प्रबंधन और जनसुविधाओं के विस्तार का महत्वपूर्ण उदाहरण है। बारिश की कमी के समय खेतों तक पहुंचने वाला पानी किसानों की मेहनत को सहारा देता है, वहीं शहर की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में भी परियोजना की अहम भूमिका है। सरगुजा की यह जीवनदायिनी परियोजना खेतों की सिंचाई और नागरिकों की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करते हुए ग्रामीण एवं शहरी जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण जल स्रोत बनी हुई है।

You Might Also Like

युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर देना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

’बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर दें विशेष ध्यान- वन मंत्री केदार कश्यप’…..

’सेवा संकल्प अभियान’ : ’सेवा की कहानी: हिमालयन हाइट्स में साकार हुआ अपने घर का सपना, जितेंद्र मेहता को मिला सुविधाओं से भरपूर आशियाना’….

पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने की विभागीय योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा, अधिकारियों को दिए महत्वपूर्ण निर्देश….

नक्सल प्रकरणों की वापसी के लिए प्रक्रिया में तेजी लाएं, 15 दिनों में जिला स्तरीय समितियों की बैठक करें – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा…..

admin October 8, 2026 October 8, 2026
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Previous Article वन मंत्री केदार कश्यप ने की 60 लाख रुपए के तकनीकी नवाचारों की घोषणा, वन्यप्राणियों के रेस्क्यू के लिए मिलेगा आधुनिक वाहन….
Next Article मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आदिम जाति विकास संबंधी राज्य स्तरीय कार्य समिति की बैठक सम्पन्न…..
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

12945/ 26

Image
- Advertisement -
Ad imageAd image

Stay Connected

235.3k Followers Like
69.1k Followers Follow
11.6k Followers Pin
56.4k Followers Follow
136k Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow

ताजा ख़बरें

युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर देना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
’बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर दें विशेष ध्यान- वन मंत्री केदार कश्यप’…..
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
’सेवा संकल्प अभियान’ : ’सेवा की कहानी: हिमालयन हाइट्स में साकार हुआ अपने घर का सपना, जितेंद्र मेहता को मिला सुविधाओं से भरपूर आशियाना’….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने की विभागीय योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा, अधिकारियों को दिए महत्वपूर्ण निर्देश….
छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

उत्तराखण्ड

संपादक - AJAY SUNEJA
मोबाइल -8958810770
ईमेल - [email protected]
कार्यालय - 53/2, BLOCK-B, RISHI VIHAR, MEHUWALA MAFI, PIN CODE-248001, DISTT.-DEHRADUN, UTTARAKHAND.

Archives

October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Sep    
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • MP Info RSS Feed
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?